भारत पर सबसे पहला विदेशी आक्रमण कौन सा था? | videshi aakraman mcq
1. हिंद-यूनानी (Indo-Greeks/Bactrian Greeks)
- प्रमुख शासक: मिनांडर (मिलिंद) सबसे प्रसिद्ध शासक था। उसकी राजधानी साकल (आधुनिक सियालकोट) थी।
- महत्व: भारत में सबसे पहले सोने के सिक्के हिंद-यूनानियों ने ही जारी किए थे। उन्होंने सिक्कों पर राजाओं के नाम और चित्र अंकित करने की प्रथा शुरू की।
- सांस्कृतिक प्रभाव: यूनानी कला के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत में गांधार कला का विकास हुआ। ‘मिलिंदपन्हो’ नामक बौद्ध ग्रंथ नागसेन और मिनांडर के बीच दार्शनिक संवाद है।
2. शक (Shakas/Scythians)
- ये मध्य एशिया के निवासी थे जो चारागाहों की खोज में भारत आए। भारत में इनकी पाँच शाखाएँ थीं।
- रुद्रदामन प्रथम (130-150 ई.): सबसे प्रसिद्ध शक शासक। उसने काठियावाड़ में सुदर्शन झील का पुनरुद्धार करवाया था।
- महत्व: रुद्रदामन ने ही सबसे पहले विशुद्ध संस्कृत भाषा में लंबा अभिलेख (गिरनार अभिलेख) जारी किया था।
3. पार्थियन (Pahlavas)
- ये ईरान (पार्थिया) से आए थे।
- प्रमुख शासक: गोंडोफर्नीस (Gondophernes) सबसे महत्वपूर्ण राजा था। इसके शासनकाल में ईसाई धर्म प्रचारक सेंट थॉमस भारत आए थे।
4. कुषाण (Kushans)
- ये मध्य एशिया की यू-ची (Yueh-chi) जनजाति की एक शाखा थे।
- कुजुल कडफिसेस: कुषाण वंश का संस्थापक।
- विम कडफिसेस: इसने भारत में बड़े पैमाने पर सोने के सिक्के जारी किए।
- कनिष्क (78 ई.): कुषाण वंश का सबसे महान शासक। उसने 78 ईस्वी में ‘शक संवत‘ शुरू किया, जो आज भारत का राष्ट्रीय कैलेंडर है।
- राजधानी: पुरुषपुर (पेशावर) और मथुरा।
- बौद्ध धर्म: कनिष्क के समय कश्मीर के कुंडलवन में चतुर्थ बौद्ध संगीति हुई, जहाँ बौद्ध धर्म हीनयान और महायान में विभाजित हो गया।
- विद्वान: अश्वघोष, वसुमित्र, नागार्जुन और चरक (आयुर्वेद विद्वान) कनिष्क के दरबार में थे।
महत्वपूर्ण प्रभाव:
- व्यापार: कुषाणों ने प्रसिद्ध रेशम मार्ग (Silk Route) पर नियंत्रण स्थापित किया, जिससे भारत को अत्यधिक आर्थिक लाभ हुआ।
- कला: इस काल में मथुरा कला और गांधार कला शैलियों का जन्म और विकास हुआ।
- संस्कृति: इन विदेशी आक्रमणकारियों ने भारतीय धर्म (बौद्ध और शैव) और संस्कृति को अपना लिया और भारतीय समाज का अभिन्न अंग बन गए।
- ईरानी/पारसीक आक्रमण (Persian): सबसे पहले हखामनी वंश के राजा सायरस और बाद में डेरियस प्रथम (दारा प्रथम) ने 516 ई.पू. के आसपास उत्तर-पश्चिम भारत पर आक्रमण किया।
- यूनानी आक्रमण (Macedonian/Greek): सिकंदर महान (अलेक्जेंडर) ने 326 ई.पू. में भारत पर आक्रमण किया और पोरस के साथ ‘हाइडेस्पीज’ (झेलम) का युद्ध लड़ा।
- हिंद-यूनानी (Indo-Greeks): सबसे पहले डेमेट्रियस और बाद में मिनांडर (मिलिंद)।
- शक (Shakas/Scythians): मध्य एशिया से आए, जिनमें रुद्रदामन प्रथम सबसे प्रसिद्ध हुआ।
- पार्थियन/पहलव (Parthians): ईरान से आए, जिनका प्रमुख राजा गोंडोफर्नीस था।
- कुषाण (Kushans): यू-ची जनजाति की शाखा, जिनका सबसे महान शासक कनिष्क था।
- हूण आक्रमण (Hunas): गुप्त सम्राट स्कंदगुप्त के समय मध्य एशिया की बर्बर जनजाति ‘हूणों’ ने आक्रमण किया।
- अरब आक्रमण: 712 ईस्वी में मोहम्मद बिन कासिम ने सिंध पर विजय प्राप्त की।
- तुर्क आक्रमण:
- महमुद गजनवी: 1000-1027 ईस्वी के बीच भारत पर 17 बार आक्रमण किए।
- मोहम्मद गोरी: 1191 और 1192 (तराइन का युद्ध) में आक्रमण किया, जिससे भारत में मुस्लिम शासन की नींव पड़ी।
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भारत पर आक्रमण करने वाला प्रथम विदेशी राजवंश कौन सा था?
(A) हखामनी (ईरानी)
(B) यूनानी
(C) शक
(D) कुषाण
उत्तर: (A) हखामनी (ईरानी राजा दारा प्रथम/डेरियस ने 516 ई.पू. में आक्रमण किया था)
मौर्योत्तर काल (Post-Mauryan) में भारत आने वाले विदेशी आक्रमणकारियों का सही क्रम क्या है?
(A) शक -> कुषाण -> हिंद-यूनानी -> पहलव
(B) हिंद-यूनानी -> शक -> पहलव -> कुषाण
(C) कुषाण -> पहलव -> शक -> हिंद-यूनानी
(D) शक -> हिंद-यूनानी -> कुषाण -> पहलव
उत्तर: (B) हिंद-यूनानी (Indo-Greeks) -> शक (Shakas) -> पहलव (Parthians) -> कुषाण (Kushans)
भारत में सबसे पहले ‘सोने के सिक्के’ किन शासकों ने जारी किए थे?
(A) मौर्यों ने
(B) हिंद-यूनानियों ने
(C) शकों ने
(D) गुप्तों ने
उत्तर: (B) हिंद-यूनानियों ने
प्रसिद्ध शक शासक ‘रुद्रदामन प्रथम’ की उपलब्धियों का वर्णन किस अभिलेख में मिलता है?
(A) नासिक अभिलेख
(B) जूनागढ़ (गिरनार) अभिलेख
(C) एरण अभिलेख
(D) हाथीगुम्फा अभिलेख
उत्तर: (B) जूनागढ़ अभिलेख (यह संस्कृत में लिखा गया पहला बड़ा अभिलेख है)
78 ईस्वी में ‘शक संवत’ की शुरुआत किस कुषाण शासक ने की थी?
(A) कुजुल कडफिसेस
(B) विम कडफिसेस
(C) कनिष्क
(D) वासुदेव
उत्तर: (C) कनिष्क (यह वर्तमान में भारत का राष्ट्रीय कैलेंडर है)
भारत पर सफल आक्रमण करने वाला पहला मुस्लिम (अरब) कौन था?
(A) मोहम्मद बिन कासिम
(B) महमूद गजनवी
(C) मोहम्मद गोरी
(D) कुतुबुद्दीन ऐबक
उत्तर: (A) मोहम्मद बिन कासिम (712 ईस्वी, सिंध विजय)
महमूद गजनवी ने प्रसिद्ध ‘सोमनाथ मंदिर’ पर आक्रमण कब किया था?
(A) 1001 ई.
(B) 1025 ई.
(C) 1191 ई.
(D) 1018 ई.
उत्तर: (B) 1025 ई.
तराइन का प्रथम युद्ध (1191 ई.) किसके बीच लड़ा गया था?
(A) मोहम्मद गोरी और जयचंद
(B) मोहम्मद गोरी और पृथ्वीराज चौहान
(C) महमूद गजनवी और राजा दाहिर
(D) बाबर और इब्राहिम लोदी
उत्तर: (B) मोहम्मद गोरी और पृथ्वीराज चौहान (प्रथम युद्ध में पृथ्वीराज चौहान की विजय हुई थी)
भारत में ‘खरोष्ठी लिपि’ के प्रचार का श्रेय किसे दिया जाता है?
(A) यूनानियों को
(B) शकों को
(C) ईरानियों (हखामनी) को
(D) कुषाणों को
उत्तर: (C) ईरानियों को
गांधार कला शैली किन दो कलाओं का मिश्रण है?
(A) भारतीय और फारसी
(B) भारतीय और यूनानी
(C) भारतीय और कुषाण
(D) चीनी और यूनानी
उत्तर: (B) भारतीय और यूनानी (Indo-Greek)
यूनानी शासक मिनांडर (मिलिंद) और बौद्ध भिक्षु नागसेन के बीच संवाद किस पुस्तक में संकलित है?
(A) दीपवंश
(B) महावंश
(C) मिलिंदपन्हो
(D) अभिधम्म पिटक
उत्तर: (C) मिलिंदपन्हो
भारत में ‘क्षत्रप प्रणाली’ (Satrapy System) का विकास किन विदेशी शासकों ने किया था?
(A) हिंद-यूनानी
(B) शक और पहलव
(C) कुषाण
(D) हूण
उत्तर: (B) शक और पहलव (इन्होंने अपने प्रांतों को क्षत्रपों में विभाजित किया था)
किस विदेशी शासक के शासनकाल में सेंट थॉमस (St. Thomas) ईसाई धर्म का प्रचार करने भारत आए थे?
(A) कनिष्क
(B) रुद्रदामन
(C) मिनांडर
(D) गोंडोफर्नीस (पहलव शासक)
उत्तर: (D) गोंडोफर्नीस
कुषाण शासकों ने स्वयं को किस उपाधि से विभूषित किया था, जो संभवतः चीनी प्रभाव को दर्शाता है?
(A) महाराजाधिराज
(B) देवपुत्र
(C) चक्रवर्ती
(D) दक्षिणापथपति
उत्तर: (B) देवपुत्र (यह चीन के ‘स्वर्ग के पुत्र’ की उपाधि के समान थी)
विदेशी शक्तियों का उत्तर-पश्चिम भारत पर प्रभाव के संदर्भ में ‘हेलेनिस्टिक आर्ट’ (Hellenistic Art) का संबंध किससे है?
(A) ईरानी प्रभाव
(B) शक प्रभाव
(C) यूनानी प्रभाव
(D) कुषाण प्रभाव
उत्तर: (C) यूनानी प्रभाव (इसी से बाद में गांधार कला विकसित हुई)
शुद्ध सोने के सिक्के (विशुद्ध स्वर्ण मुद्राएं) सर्वाधिक मात्रा में किस विदेशी राजवंश ने जारी किए थे?
(A) हिंद-यूनानी
(B) गुप्त
(C) कुषाण
(D) शक
उत्तर: (C) कुषाण (नोट: सबसे पहले हिंद-यूनानियों ने किए, लेकिन सर्वाधिक शुद्धता कुषाणों के सिक्कों में थी)
कथन (A): कुषाण शासकों ने रेशम मार्ग (Silk Route) पर नियंत्रण स्थापित किया था।
कारण (R): इससे उन्हें भारी मात्रा में कर और राजस्व की प्राप्ति होती थी।
(A) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है
(B) A और R दोनों सही हैं लेकिन R, A की व्याख्या नहीं है
(C) A सही है, R गलत है
(D) A गलत है, R सही है
उत्तर: (A) कुषाण साम्राज्य की समृद्धि का एक मुख्य कारण सिल्क रूट पर उनका अधिकार था।
तक्षशिला का प्रसिद्ध ‘हेलियोडोरस स्तंभ’ (Garuda Pillar) किस विदेशी शक्ति के प्रभाव और भागवत धर्म के प्रति झुकाव को दर्शाता है?
(A) शक
(B) यूनानी (Indo-Greek)
(C) कुषाण
(D) पहलव
उत्तर: (B) यूनानी (हेलियोडोरस एक यूनानी राजदूत था जिसने विदिशा में गरुड़ स्तंभ स्थापित किया)
भारत में ‘होरशास’ (Horoscopy/Astrology) का ज्ञान किस विदेशी शक्ति के संपर्क से आया माना जाता है?
(A) ईरानी
(B) यूनानी
(C) शक
(D) अरब
उत्तर: (B) यूनानी (ज्योतिष के क्षेत्र में भारत ने यूनानियों से बहुत कुछ सीखा)
चौथी बौद्ध संगीति, जो कनिष्क के काल में हुई, उसके अध्यक्ष कौन थे?
(A) अश्वघोष
(B) वसुमित्र
(C) महाकश्यप
(D) मोगलीपुत्र तिस्स
उत्तर: (B) वसुमित्र (अश्वघोष उपाध्यक्ष थे)
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