टीचर बनने के लिए कौन सी डिग्री चाहिए

टीचर बनने के लिए कौन सी डिग्री चाहिए | टीचर बनने के लिए उम्र कितनी होनी चाहिए | टीचर बनने के लिए 12वीं के बाद क्या करें |teacher banne ke liye konsa subject lena chahiye | टीचर बनने के लिए उम्र कितनी होनी चाहिए | टीचर बनने के लिए कौन सी डिग्री चाहिए | सरकारी टीचर बनने के लिए कौन सा कोर्स करना पड़ेगा?

टीचर बनने के लिए कौन सी डिग्री चाहिए

शैक्षणिक योग्यता पूरी करें:
स्कूल स्तर (कक्षा 1-12): आमतौर पर, आपको किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री (Graduation) की आवश्यकता होती है।
विषय-विशेषज्ञ: यदि आप किसी विशिष्ट विषय (जैसे विज्ञान, गणित, अंग्रेजी) के शिक्षक बनना चाहते हैं, तो आपकी स्नातक या स्नातकोत्तर डिग्री उसी विषय में होनी चाहिए।
शिक्षण-विशिष्ट डिप्लोमा या डिग्री प्राप्त करें:
शिक्षण कार्य के लिए प्रशिक्षण अनिवार्य है। सबसे आम डिग्री बैचलर ऑफ एजुकेशन (B.Ed.) है, जो 2 साल का कोर्स है।
प्राथमिक स्तर के लिए डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (D.El.Ed.) या BTC (बेसिक ट्रेनिंग सर्टिफिकेट) जैसे डिप्लोमा कोर्स भी किए जाते हैं।

शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करें:
भारत में सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए केंद्रीय या राज्य स्तर की शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करना ज़रूरी है।
CTET (केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा) केंद्रीय विद्यालयों और अन्य केंद्र सरकार के स्कूलों के लिए आवश्यक है।
राज्य TET (जैसे UPTET, HTET, MPET) संबंधित राज्य सरकारों के स्कूलों के लिए आवश्यक है। ये परीक्षाएं आमतौर पर दो स्तरों पर होती हैं:
पेपर 1: कक्षा 1-5 के लिए
पेपर 2: कक्षा 6-8 के लिए

चयन प्रक्रिया और नौकरी के लिए आवेदन:
TET परीक्षा पास करने के बाद, सरकार या निजी संस्थान रिक्तियों के लिए आवेदन आमंत्रित करते हैं।
इनमें अक्सर एक और लिखित परीक्षा (जिसे सुपर TET या सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा भी कहा जाता है), अकादमिक रिकॉर्ड के आधार पर मेरिट लिस्ट, और कभी-कभी साक्षात्कार (Interview) या डेमो क्लास शामिल होती है।
निजी स्कूलों में, TET हमेशा अनिवार्य नहीं होता है, लेकिन B.Ed. की डिग्री और अच्छा शैक्षणिक रिकॉर्ड ज़रूरी होता है।

टीचर बनने के लिए उम्र कितनी होनी चाहिए

1. न्यूनतम उम्र सीमा
शिक्षण प्रशिक्षण कोर्स (जैसे B.Ed. या D.El.Ed.) में प्रवेश पाने के लिए सामान्य न्यूनतम आयु मानदंड हैं:
B.Ed. (बैचलर ऑफ एजुकेशन): अधिकांश विश्वविद्यालयों और राज्यों में न्यूनतम आयु 21 वर्ष होती है, क्योंकि यह कोर्स आमतौर पर ग्रेजुएशन (स्नातक) के बाद किया जाता है [2]।
D.El.Ed. (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन): कुछ राज्यों में, 12वीं के बाद इस कोर्स में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित की जा सकती है।

2. अधिकतम उम्र सीमा (सरकारी नौकरी के लिए)
सरकारी शिक्षक भर्ती में अधिकतम उम्र सीमा सबसे महत्वपूर्ण कारक है और यह आरक्षण श्रेणियों के अनुसार बदलती रहती है:
सामान्य वर्ग (General Category):
आमतौर पर, अधिकतम आयु सीमा 30 से 35 वर्ष के बीच होती है (यह राज्य और पद के अनुसार थोड़ी भिन्न हो सकती है, जैसे केंद्रीय विद्यालयों में 30 वर्ष, कुछ राज्यों में 35 या 40 वर्ष तक)।

आरक्षित वर्ग (SC/ST/OBC):
केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के नियमों के अनुसार, आरक्षित श्रेणियों को अधिकतम आयु सीमा में छूट मिलती है।
OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग): आमतौर पर 3 साल की छूट मिलती है [2]।
SC/ST (अनुसूचित जाति/जनजाति): आमतौर पर 5 साल की छूट मिलती है [2]।
अन्य श्रेणियाँ:
महिलाओं, पूर्व सैनिकों और दिव्यांग व्यक्तियों (PwD) के लिए भी विशेष आयु छूट के प्रावधान होते हैं।

महत्वपूर्ण बिंदु:
निजी स्कूल: निजी स्कूलों में उम्र की कोई सख्त ऊपरी सीमा नहीं होती है; वे अनुभव और योग्यता को प्राथमिकता देते हैं।
TET/CTET परीक्षा: CTET परीक्षा देने के लिए कोई ऊपरी आयु सीमा नहीं है, जब तक आपके पास आवश्यक शैक्षणिक योग्यता है, आप यह परीक्षा दे सकते हैं [2]।
आपको जिस विशेष भर्ती या प्रवेश परीक्षा में शामिल होना है, हमेशा आधिकारिक अधिसूचना (Official Notification) की जाँच करनी चाहिए, क्योंकि नियम समय-समय पर बदल सकते हैं –

टीचर बनने के लिए 12वीं के बाद क्या करें

12वीं कक्षा पास करने के बाद टीचर बनने के दो मुख्य रास्ते हैं, जो इस बात पर निर्भर करते हैं कि आप प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5) या उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8) के शिक्षक बनना चाहते हैं।
12वीं के बाद टीचर बनने के लिए मुख्य कोर्स
आप निम्नलिखित दो प्रकार के कोर्स में से कोई एक चुन सकते हैं:

1. डिप्लोमा कोर्स (प्राथमिक शिक्षक बनने के लिए)
यह सबसे सीधा रास्ता है यदि आप कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को पढ़ाना चाहते हैं।
कोर्स का नाम: D.El.Ed. (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन) या इसके समकक्ष नाम जैसे BTC, JBT, ETT, D.Ed.।
अवधि: 2 साल।
योग्यता: किसी भी स्ट्रीम (कला, विज्ञान, वाणिज्य) से न्यूनतम 50% अंकों के साथ 12वीं पास होना ज़रूरी है।
प्रवेश प्रक्रिया: कई राज्यों में मेरिट के आधार पर या प्रवेश परीक्षा (Entrance Exam) के माध्यम से दाखिला होता है।

2. एकीकृत डिग्री कोर्स (B.A. B.Ed. / B.Sc. B.Ed.)
यह कोर्स ग्रेजुएशन (स्नातक) और B.Ed. (बैचलर ऑफ एजुकेशन) को एक साथ जोड़ता है, जिससे समय की बचत होती है।
कोर्स का नाम: 4-वर्षीय ITEP (Integrated Teacher Education Program) या B.A. B.Ed. / B.Sc. B.Ed.।
अवधि: 4 साल (सामान्य ग्रेजुएशन और B.Ed. करने में कुल 5 साल लगते हैं)।
योग्यता: न्यूनतम 50% अंकों के साथ 12वीं पास होना ज़रूरी है।
फायदा: इस कोर्स को करने के बाद आप सीधे कक्षा 1 से 8 तक के शिक्षक पदों के लिए योग्य हो जाते हैं।

12वीं के बाद का पूरा रोडमैप
एक बार जब आप उपरोक्त कोर्स पूरा कर लेते हैं, तो सरकारी शिक्षक बनने के लिए ये कदम उठाने होंगे:
टीचर ट्रेनिंग पूरी करें: ऊपर बताए गए D.El.Ed. (2 वर्ष) या इंटीग्रेटेड B.Ed. (4 वर्ष) कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा करें।
TET परीक्षा पास करें: कोर्स पूरा करने के बाद, आपको शिक्षक पात्रता परीक्षा (Teacher Eligibility Test – TET) पास करनी होगी।
CTET (केंद्रीय TET) केंद्रीय विद्यालयों और केंद्र सरकार की नौकरियों के लिए।

State TET (जैसे UPTET, Bihar TET) संबंधित राज्य सरकार की नौकरियों के लिए।
भर्ती परीक्षा: TET पास करने के बाद, जब भी सरकारी स्कूलों में रिक्तियां निकलती हैं, तो आपको मुख्य भर्ती परीक्षा (जैसे सुपर TET या अन्य राज्य-स्तरीय परीक्षा) में बैठना होगा और मेरिट लिस्ट में जगह बनानी होगी।

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