शक वंश का इतिहास pdf | शक वंश का अंतिम शासक कौन था | shak vansh mcq in hindi

शक वंश का इतिहास pdf | शक वंश का अंतिम शासक कौन था | shak vansh mcq in hindi

आप सभी जाने – भारतीय इतिहास में शक वंश (Scythians) का शासन मौर्योत्तर काल की एक अत्यंत महत्वपूर्ण घटना है

1. उत्पत्ति और भारत आगमन
  • शक मूलतः मध्य एशिया की एक खानाबदोश और लड़ाकू जनजाति थी ।
  • यू-ची (Yueh-chi) जनजाति के दबाव के कारण वे अपनी मातृभूमि छोड़कर भारत की ओर बढ़े 
  • लगभग प्रथम शताब्दी ईसा पूर्व में उन्होंने हिंद-यूनानियों (Indo-Greeks) को पराजित कर उत्तर-पश्चिम भारत पर अधिकार कर लिया 
2. प्रमुख शाखाएँ और विस्तार
भारत में शकों की मुख्य रूप से पाँच शाखाएँ थीं, जो अलग-अलग केंद्रों से शासन करती थीं : 
  • तक्षशिला और मथुरा (उत्तरी क्षत्रप): यहाँ के शक शासकों ने पंजाब और उत्तर भारत के कुछ हिस्सों पर शासन किया।
  • नासिक और उज्जैन (पश्चिमी क्षत्रप): ये सबसे शक्तिशाली शाखाएँ थीं। नासिक में ‘क्षहरात वंश (जैसे नहपान) और उज्जैन में ‘कर्दमक वंश’ (जैसे रुद्रदामन) ने शासन किया । 

 

3. रुद्रदामन प्रथम (130-150 ईस्वी)
यह शक वंश का सबसे महान और विद्वान शासक था । 
  • संस्कृत प्रेमी: उसने प्रसिद्ध जूनागढ़ (गिरनार) अभिलेख जारी किया। यह संस्कृत भाषा में लिखा गया भारत का पहला लंबा और काव्य शैली का अभिलेख है ।
  • सुदर्शन झील: रुद्रदामन ने मौर्य काल में बनी सुदर्शन झील (गुजरात) का अपने निजी कोष से जीर्णोद्धार (Repairs) करवाया था ।
  • सातवाहनों से संघर्ष: उसने सातवाहन शासक वशिष्ठीपुत्र पुुलुमावी को दो बार युद्ध में हराया था। 
4. प्रशासनिक विशेषता: क्षत्रप प्रणाली
  • शकों ने ‘क्षत्रप प्रणाली’ (Satrapy System) को लोकप्रिय बनाया ।
  • साम्राज्य को प्रांतों में बाँटा गया था, और प्रत्येक प्रांत का मुखिया ‘क्षत्रप’ या ‘महाक्षत्रप’ कहलाता था । 
5. महत्वपूर्ण संवत (Eras)
  • विक्रम संवत (57-58 ई.पू.): उज्जैन के एक स्थानीय राजा ने शकों को हराकर उन्हें भारत से बाहर निकालने के उपलक्ष्य में ‘विक्रमादित्य’ की उपाधि ली और विक्रम संवत चलाया ।
  • शक संवत (78 ईस्वी): हालांकि इसे कुषाण राजा कनिष्क ने शुरू किया था, लेकिन शकों द्वारा इसका लंबे समय तक उपयोग करने के कारण इसे ‘शक संवत’ कहा गया । 
6. शक शासन का अंत
  • पश्चिमी भारत में शकों का शासन लगभग 4 शताब्दियों तक चला ।
  • 4वीं शताब्दी ईस्वी के अंत में गुप्त सम्राट चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य) ने अंतिम शक शासक रुद्रसिंह तृतीय को पराजित किया और मार डाला । इस विजय के बाद चंद्रगुप्त ने ‘शकारि’ की उपाधि धारण की और चाँदी के सिक्के जारी किए। 
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शकों की भारत में कुल कितनी शाखाएँ थीं?
(A) तीन
(B) चार
(C) पाँच
(D) छह
उत्तर: (C) पाँच (अफगानिस्तान, पंजाब, मथुरा, पश्चिमी भारत और ऊपरी दक्कन

विशुद्ध संस्कृत भाषा में लिखा गया पहला बड़ा अभिलेख कौन सा है?
(A) नासिक अभिलेख
(B) एरण अभिलेख
(C) जूनागढ़ अभिलेख
(D) प्रयाग प्रशस्ति
उत्तर: (C) जूनागढ़ (गिरनार) अभिलेख (शासक रुद्रदामन द्वारा 150 ईस्वी में जारी) 
गुजरात की ‘सुदर्शन झील’ का जीर्णोद्धार (Repair) किस शक शासक ने करवाया था?
(A) नहपान
(B) रुद्रदामन प्रथम
(C) रुद्रसिंह तृतीय
(D) मोगा
उत्तर: (B) रुद्रदामन प्रथम 
विक्रम संवत (57-58 ई.पू.) की शुरुआत किस घटना के उपलक्ष्य में हुई थी?
(A) शकों द्वारा यूनानियों पर विजय
(B) कनिष्क का राज्याभिषेक
(C) उज्जैन के राजा द्वारा शकों पर विजय
(D) मौर्य साम्राज्य की स्थापना
उत्तर: (C) उज्जैन के एक स्थानीय राजा द्वारा शकों को पराजित करने पर 
प्रसिद्ध शक शासक नहपान को किस सातवाहन राजा ने पराजित किया था?
(A) सिमुक
(B) शातकर्णी प्रथम
(C) गौतमीपुत्र शातकर्णी
(D) पुलुमावी चतुर्थ
उत्तर: (C) गौतमीपुत्र शातकर्णी 
शकों द्वारा प्रयुक्त ‘क्षत्रप’ (Satrapy) प्रणाली का मूल स्रोत क्या था?
(A) यूनानी प्रशासन
(B) मौर्य प्रशासन
(C) ईरानी (पारसीक) प्रशासन
(D) चीनी प्रशासन
उत्तर: (C) ईरानी प्रशासन 
पश्चिमी भारत के अंतिम शक शासक रुद्रसिंह तृतीय को किसने पराजित कर शक वंश का अंत किया?
(A) समुद्रगुप्त
(B) चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य)
(C) स्कंदगुप्त
(D) हर्षवर्धन
उत्तर: (B) चंद्रगुप्त द्वितीय 

निम्नलिखित में से किस शक शासक के चांदी के सिक्के जोगलथम्बी (Nashik) से बड़ी मात्रा में मिले हैं?
(A) रुद्रदामन
(B) चष्टन
(C) नहपान
(D) भूमक
उत्तर: (C) नहपान
रुद्रदामन प्रथम किस वंश से संबंधित था?
(A) क्षहरात वंश
(B) कर्दमक वंश
(C) कुषाण वंश
(D) हयय वंश
उत्तर: (B) कर्दमक वंश
जूनागढ़ अभिलेख के अनुसार, सुदर्शन झील का निर्माण मूल रूप से किसके शासनकाल में हुआ था?
(A) अशोक
(B) रुद्रदामन
(C) चंद्रगुप्त मौर्य
(D) पुष्यमित्र शुंग
उत्तर: (C) चंद्रगुप्त मौर्य (पुष्यगुप्त वैश्य द्वारा निर्मित) 

शक शासक ‘चष्टन’ (Chastana) ने अपनी राजधानी कहाँ स्थापित की थी?
(A) नासिक
(B) उज्जैन
(C) तक्षशिला
(D) मथुरा
उत्तर: (B) उज्जैन (चष्टन कर्दमक वंश का संस्थापक था जिसने उज्जैन को केंद्र बनाया)।
रुद्रदामन प्रथम ने सुदर्शन झील की मरम्मत किसकी देखरेख में करवाई थी?
(A) पुष्यगुप्त
(B) तुषास्प
(C) सुविशाख
(D) चक्रपालित
उत्तर: (C) सुविशाख (जूनागढ़ अभिलेख के अनुसार, सुविशाख उस समय वहां का राज्यपाल था)।
निम्नलिखित में से किस शक शासक को ‘महो’ (Maues) के नाम से भी जाना जाता है?
(A) मोगा
(B) नहपान
(C) चष्टन
(D) रुद्रसिंह
उत्तर: (A) मोगा (यह भारत में शक शक्ति का पहला वास्तविक संस्थापक माना जाता है)।
पहलव (Parthian) शासक ‘गोंडोफर्नीस’ के शासनकाल का प्रसिद्ध अभिलेख कौन सा है?
(A) जूनागढ़ अभिलेख
(B) तख्त-ए-बही (Takht-i-Bahi) अभिलेख
(C) एरण अभिलेख
(D) नासिक अभिलेख
उत्तर: (B) तख्त-ए-बही (यह पेशावर, पाकिस्तान में स्थित है)।

कथन (A): रुद्रदामन प्रथम ने अपनी पुत्री का विवाह सातवाहन नरेश वशिष्ठीपुत्र पुुलुमावी से किया था।
कारण (R): वैवाहिक संबंधों के बावजूद रुद्रदामन ने सातवाहनों को युद्ध में पराजित किया था।
(A) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है
(B) A और R दोनों सही हैं लेकिन R, A की व्याख्या नहीं है
(C) A सही है, R गलत है
(D) A गलत है, R सही है
उत्तर: (B) दोनों कथन सही हैं। रुद्रदामन ने सातवाहनों को “निकट संबंधी” होने के कारण पूरी तरह नष्ट नहीं किया था।
भारत में शकों ने जो ‘क्षत्रप’ की उपाधि धारण की, उसका शाब्दिक अर्थ क्या है?
(A) देवताओं का पुत्र
(B) प्रांत का रक्षक (Provincial Protector)
(C) चक्रवर्ती सम्राट
(D) महान योद्धा
उत्तर: (B) प्रांत का रक्षक (यह पुरानी फारसी भाषा के शब्द ‘क्षत्रपावन’ से निकला है)।
कुषाण शासक कनिष्क ने अपनी दूसरी राजधानी किसे बनाया था?
(A) पुरुषपुर (पेशावर)
(B) पाटलिपुत्र
(C) मथुरा
(D) सारनाथ
उत्तर: (C) मथुरा (प्रथम राजधानी पुरुषपुर थी)।
निम्नलिखित में से कौन सा विद्वान कनिष्क के दरबार में नहीं था?
(A) अश्वघोष
(B) चरक
(C) नागार्जुन
(D) विशाखदत्त
उत्तर: (D) विशाखदत्त (वे गुप्त काल के प्रसिद्ध नाटककार थे, जिन्होंने ‘मुद्राराक्षस’ लिखी)।

शक शासकों के सिक्कों पर अक्सर किन दो लिपियों का प्रयोग मिलता है?
(A) ब्राह्मी और खरोष्ठी
(B) ब्राह्मी और ग्रीक
(C) ग्रीक और खरोष्ठी
(D) संस्कृत और पाली
उत्तर: (C) ग्रीक और खरोष्ठी (मौर्योत्तर काल के अधिकांश विदेशी सिक्कों पर यही संयोजन मिलता है)।
गांधार कला में बुद्ध की मूर्तियों पर किस विदेशी शैली का स्पष्ट प्रभाव दिखता है?
(A) रोमन शैली
(B) यूनानी (Apollonian) शैली
(C) मेसोपोटामिया की शैली
(D) चीनी शैली
उत्तर: (B) यूनानी शैली (बुद्ध के चेहरे और बालों की बनावट यूनानी देवता अपोलो जैसी दिखती है)।

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