प्रतिहार वंश की राजधानी कहाँ थी | pratihar vansh mcq in hindi
अगर आप किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे है तो आप सभी के लिए आज का टॉपिक प्रतिहार वंश की राजधानी कहाँ थी | pratihar vansh mcq in hindi जो हर एक प्रतियोगी परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है ।
1. उत्पत्ति और प्रारंभिक इतिहास
- प्रतिहारों को ‘गुर्जर-प्रतिहार’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि इनकी उत्पत्ति गुजरात या दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान (गुर्जरत्रा) से हुई थी।
- वे स्वयं को रामायण के लक्ष्मण का वंशज मानते थे, जिन्होंने राम के लिए ‘प्रतिहार’ (द्वारपाल) की भूमिका निभाई थी।
- नागभट्ट प्रथम (730-756 ईस्वी): इस वंश का पहला महत्वपूर्ण शासक था। उसने सिंध की ओर से होने वाले अरबों के आक्रमण को रोककर भारत की रक्षा की थी।
2. मिहिर भोज (सबसे प्रतापी शासक: 836–885 ईस्वी)
- मिहिर भोज प्रतिहार वंश के सबसे महान और शक्तिशाली शासक थे।
- वे भगवान विष्णु के परम भक्त थे और उन्होंने ‘आदिवराह’ तथा ‘प्रभास‘ जैसी उपाधियाँ धारण की थीं।
- उनके समय में प्रतिहार साम्राज्य का विस्तार हिमालय की तलहटी से नर्मदा नदी तक और बंगाल से काठियावाड़ तक हो गया था।
- अरब यात्री सुलेमान ने मिहिर भोज को ‘अरबों का सबसे बड़ा शत्रु’ और एक बहुत शक्तिशाली शासक बताया था।
3. त्रिपक्षीय संघर्ष (Tripartite Struggle)
- हर्षवर्धन की मृत्यु के बाद कन्नौज उत्तर भारत की सत्ता का केंद्र बन गया था।
- कन्नौज पर अधिकार के लिए तीन शक्तियों के बीच लगभग 200 वर्षों तक संघर्ष चला: प्रतिहार, पाल और राष्ट्रकूट।
- अंततः प्रतिहारों को सफलता मिली और उन्होंने कन्नौज को अपनी स्थायी राजधानी बनाया।
4. कला और साहित्य
- साहित्य: प्रतिहार शासक महेंद्रपाल प्रथम के दरबार में प्रसिद्ध कवि और नाटककार राजशेखर रहते थे। उनकी प्रमुख रचनाएँ ‘कर्पूरमंजरी’, ‘काव्यमीमांसा’, ‘बालरामायण’ और ‘विद्धशालभंजिका’ हैं।
- वास्तुकला: प्रतिहारों ने ‘मारु-गुर्जर’ शैली के मंदिरों का निर्माण करवाया। राजस्थान के ओसियां के मंदिर और ग्वालियर का तेली का मंदिर इस शैली के उत्कृष्ट उदाहरण हैं।
5. प्रशासन और पतन
- प्रतिहारों के पास एक बहुत विशाल और प्रशिक्षित घुड़सवार सेना थी।
- 10वीं शताब्दी के अंत में, राष्ट्रकूटों के आक्रमणों और आंतरिक विद्रोहों के कारण यह वंश कमजोर हो गया।
- 1018 ईस्वी में महमुद गजनवी ने कन्नौज के शासक राज्यपाल को हराया, जिससे इस वंश का पतन सुनिश्चित हो गया। यशपाल इस वंश का अंतिम शासक माना जाता है।
6. महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ तथ्य (MCQ Points)
- राजधानी: आरंभ में उज्जैन, बाद में कन्नौज।
- ग्वालियर प्रशस्ति: यह अभिलेख मिहिर भोज की विजयों की जानकारी देता है।
- अरब यात्री: सुलेमान और अल-मसूदी ने प्रतिहार साम्राज्य की समृद्धि का वर्णन किया है।
gurjar pratihar vansh mcq in hindi
1. गुर्जर-प्रतिहार वंश का वास्तविक संस्थापक किसे माना जाता है?
(A) मिहिर भोज
(B) नागभट्ट प्रथम
(C) वत्सराज
(D) महेंद्रपाल
उत्तर: (B) नागभट्ट प्रथम
2. किस प्रतिहार शासक ने ‘आदिवराह’ की उपाधि धारण की थी?
(A) नागभट्ट द्वितीय
(B) मिहिर भोज
(C) वत्सराज
(D) यशपाल
उत्तर: (B) मिहिर भोज
3. प्रसिद्ध विद्वान ‘राजशेखर’ किस प्रतिहार राजा के दरबार में रहते थे?
(A) मिहिर भोज
(B) महेंद्रपाल प्रथम
(C) नागभट्ट प्रथम
(D) वत्सराज
उत्तर: (B) महेंद्रपाल प्रथम
4. प्रतिहारों ने किस शहर को अपनी राजधानी बनाया जिसके लिए त्रिपक्षीय संघर्ष हुआ था?
(A) पाटलिपुत्र
(B) कन्नौज
(C) दिल्ली
(D) ग्वालियर
उत्तर: (B) कन्नौज
5. अल-मसूदी, एक प्रसिद्ध अरब यात्री, किस प्रतिहार शासक के समय भारत आया था?
(A) महिपाल प्रथम
(B) मिहिर भोज
(C) नागभट्ट द्वितीय
(D) वत्सराज
उत्तर: (A) महिपाल प्रथम
6. ग्वालियर प्रशस्ति किस वंश के शासकों की विजयों का वर्णन करती है?
(A) पाल वंश
(B) प्रतिहार वंश
(C) चोल वंश
(D) राष्ट्रकूट वंश
उत्तर: (B) प्रतिहार वंश (विशेषकर मिहिर भोज)
7. प्रतिहार वंश का अंतिम शासक कौन था?
(A) महेंद्रपाल द्वितीय
(B) यशपाल
(C) राज्यपाल
(D) महिपाल
उत्तर: (B) यशपाल (1036 ईस्वी)
8. ‘त्रिपक्षीय संघर्ष’ का अंतिम विजेता कौन बना?
(A) पाल
(B) राष्ट्रकूट
(C) गुर्जर-प्रतिहार
(D) सेन
उत्तर: (C) प्रतिहारों ने अंततः कन्नौज पर अधिकार कर लिया था।
9. गुर्जर-प्रतिहार शासकों ने मुख्य रूप से भारत के किस हिस्से पर शासन किया?
(A) दक्षिण भारत
(B) पश्चिमी और मध्य भारत
(C) पूर्वी भारत
(D) सुदूर उत्तर
उत्तर: (B) पश्चिमी और मध्य भारत (विशेषकर राजस्थान और गुजरात क्षेत्र)
11. किस प्रतिहार शासक ने अरबों के आक्रमण को सफलतापूर्वक विफल किया था?
(A) वत्सराज
(B) नागभट्ट प्रथम
(C) महिपाल
(D) भोज द्वितीय
उत्तर: (B) नागभट्ट प्रथम ने सिंध की ओर से होने वाले अरबों के विस्तार को रोका था।
12. मिहिर भोज द्वारा जारी किए गए सिक्कों पर किस देवता का प्रतीक मिलता है?
(A) शिव
(B) विष्णु (आदिवराह अवतार)
(C) सूर्य
(D) कार्तिकेय
उत्तर: (B) मिहिर भोज विष्णु भक्त थे, इसलिए उनके सिक्कों पर ‘आदिवराह’ अंकित था।
13. प्रसिद्ध विद्वान राजशेखर ने ‘कर्पूरमंजरी’ की रचना किसके संरक्षण में की थी?
(A) मिहिर भोज
(B) नागभट्ट द्वितीय
(C) महेंद्रपाल प्रथम
(D) यशपाल
उत्तर: (C) राजशेखर महेंद्रपाल प्रथम के राजगुरु थे।
14. अल-मसूदी ने प्रतिहार साम्राज्य को क्या कहकर संबोधित किया था?
(A) अल-जुज़र (Al-Juzr)
(B) भारतवर्ष
(C) आर्यावर्त
(D) बौरह
उत्तर: (A) अल-जुज़र (जो ‘गुर्जर’ का अपभ्रंश है)। उन्होंने राजा को ‘बौरह’ कहा था।
15. कन्नौज पर अधिकार हेतु ‘त्रिपक्षीय संघर्ष’ की शुरुआत किस प्रतिहार राजा ने की थी?
(A) नागभट्ट प्रथम
(B) वत्सराज
(C) मिहिर भोज
(D) नागभट्ट द्वितीय
उत्तर: (B) वत्सराज ने पाल शासक धर्मपाल को हराकर इस संघर्ष की शुरुआत की थी।
16. ग्वालियर प्रशस्ति में किस राजा को “म्लेच्छों (अरबों) का नाशक” कहा गया है?
(A) वत्सराज
(B) मिहिर भोज
(C) नागभट्ट प्रथम
(D) महेंद्रपाल
उत्तर: (C) नागभट्ट प्रथम
17. प्रतिहारों की प्रशासनिक व्यवस्था में ‘भुक्ति’ का क्या अर्थ था?
(A) गाँव
(B) जिला
(C) प्रांत
(D) तहसील
उत्तर: (C) प्रांत (भुक्ति के प्रमुख को ‘उपरिक’ कहा जाता था)
18. महमुद गजनवी ने 1018 ईस्वी में जब कन्नौज पर आक्रमण किया, तब वहाँ का प्रतिहार शासक कौन था?
(A) यशपाल
(B) राज्यपाल
(C) त्रिलोचनपाल
(D) महेंद्रपाल द्वितीय
उत्तर: (B) राज्यपाल (जो युद्ध छोड़कर भाग गया था)
20. प्रतिहार वंश का अंतिम राजा कौन था?
(A) राज्यपाल
(B) यशपाल
(C) महिपाल
(D) वत्सराज
उत्तर: (B) यशपाल (1036 ईस्वी)
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