कंड वंश का इतिहास | कंड वंश का अंतिम शासक | कंड वंश MCQ

कंड वंश का इतिहास | कंड वंश का अंतिम शासक | कंड वंश MCQ

आइये जानते है  कंड वंश का इतिहास | कंड वंश का अंतिम शासक | कंड वंश MCQ के बारे में जो हर एक प्रतियोगी परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है । शुंग वंश के पतन के बाद मगध पर कण्व वंश (Kanva Dynasty) का शासन स्थापित हुआ , MCQ On Kanva Dynasty for SSC Exams

1. स्थापना (75 ईसा पूर्व) 
कण्व वंश की स्थापना वासुदेव कण्व ने की थी। उन्होंने शुंग वंश के अंतिम शासक देवभूति की हत्या करके सिंहासन पर अधिकार किया था। वासुदेव, देवभूति के दरबार में मंत्री (अमात्य) थे। [1] 
2. प्रमुख शासक
कण्व वंश ने लगभग 45 वर्षों (75 ई.पू. से 30 ई.पू.) तक शासन किया। इस वंश में केवल चार मुख्य राजा हुए:
  1. वासुदेव कण्व (संस्थापक)
  2. भूमिमित्र
  3. नारायण
  4. सुशर्मन (अंतिम शासक) 
3. शासन की प्रकृति और विस्तार
  • ब्राह्मण राजवंश: शुंगों की तरह कण्व भी ब्राह्मण थे। 
  • सीमित क्षेत्र: मौर्यों या शुंगों की तुलना में कण्वों का शासन क्षेत्र काफी छोटा हो गया था। उनका प्रभाव मुख्य रूप से मगध और मध्य भारत के कुछ हिस्सों तक ही सीमित था। [2]
  • इस समय तक भारत के उत्तर-पश्चिम में यूनानियों (यवनों) और दक्षिण में सातवाहनों का प्रभाव बढ़ने लगा था। 
4. कला और संस्कृति
  • कण्व काल में भी मौर्य और शुंग काल की प्रशासनिक व्यवस्था का ही पालन किया गया।
  • इस काल में भी वैदिक धर्म और संस्कृति को राजकीय संरक्षण प्राप्त रहा। [2] 
5. वंश का पतन (30 ईसा पूर्व)
कण्व वंश के अंतिम राजा सुशर्मन की हत्या दक्षिण के सातवाहन वंश के राजा (संभवतः सिमुक) ने कर दी थी। इसके बाद मगध की राजनीतिक केंद्रीय सत्ता कमजोर हो गई और क्षेत्रीय शक्तियों का उदय हुआ। [1] 
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु:
  • स्थापना: वासुदेव कण्व द्वारा (75 ई.पू.)।
  • राजधानी: पाटलिपुत्र।
  • क्रम: मौर्य → शुंग → कण्व → सातवाहन (मगध क्षेत्र के संदर्भ में)। 

कण्व वंश से महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर MCQ On Kanva Dynasty for SSC Exams

कण्व वंश की स्थापना किसने की थी?
(A) भूमिमित्र
(B) नारायण
(C) वासुदेव
(D) सुशर्मन
उत्तर: (C) वासुदेव
वासुदेव ने किस अंतिम शुंग शासक की हत्या कर कण्व वंश की नींव रखी?
(A) अग्निमित्र
(B) देवभूति
(C) भागभद्र
(D) वसुमित्र
उत्तर: (B) देवभूति
पुराणों के अनुसार, कण्व वंश ने कुल कितने वर्षों तक शासन किया?
(A) 45 वर्ष
(B) 112 वर्ष
(C) 75 वर्ष
(D) 30 वर्ष
उत्तर: (A) 45 वर्ष

कण्व वंश का अंतिम शासक कौन था?
(A) भूमिमित्र
(B) नारायण
(C) सुशर्मन
(D) सिमुक
उत्तर: (C) सुशर्मन
किस ग्रंथ से वासुदेव द्वारा देवभूति की हत्या का विवरण मिलता है?
(A) अर्थशास्त्र
(B) हर्षचरित (बाणभट्ट)
(C) महाभाष्य
(D) इंडिका
उत्तर: (B) हर्षचरित
कण्व शासकों की राजधानी कहाँ स्थित थी?
(A) विदिशा
(B) प्रतिष्ठान
(C) पाटलिपुत्र
(D) उज्जैन
उत्तर: (C) पाटलिपुत्र (यद्यपि इनके सिक्के विदिशा क्षेत्र में भी पाए गए हैं)
कण्व वंश के पतन के बाद मगध पर किस वंश का प्रभाव स्थापित हुआ?
(A) कुषाण वंश
(B) सातवाहन वंश
(C) गुप्त वंश
(D) शक वंश
उत्तर: (B) सातवाहन वंश (राजा सिमुक ने सुशर्मन की हत्या की थी)

कण्व शासक किस सामाजिक वर्ग या जाति से संबंधित थे?
(A) क्षत्रिय
(B) वैश्य
(C) ब्राह्मण
(D) शूद्र
उत्तर: (C) ब्राह्मण
कण्व वंश के शासकों का सही कालक्रम क्या है?
(A) वासुदेव → नारायण → भूमिमित्र → सुशर्मन
(B) वासुदेव → भूमिमित्र → नारायण → सुशर्मन
(C) भूमिमित्र → वासुदेव → सुशर्मन → नारायण
(D) सुशर्मन → नारायण → भूमिमित्र → वासुदेव
उत्तर: (B) वासुदेव (9 वर्ष) → भूमिमित्र (14 वर्ष) → नारायण (12 वर्ष) → सुशर्मन (10 वर्ष)

कण्व वंश के बारे में ‘वायु पुराण’ में क्या जानकारी मिलती है?
(A) उन्होंने 45 वर्षों तक शासन किया और चार राजा हुए
(B) उन्होंने मौर्यों को सीधे विस्थापित किया
(C) वे दक्षिण भारत के मूल निवासी थे
(D) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर: (A) वायु पुराण और अन्य मत्स्य पुराणों के अनुसार, इस वंश में चार राजा हुए जिन्होंने कुल 45 वर्षों तक शासन किया।
बाणभट्ट के ‘हर्षचरित’ के अनुसार, वासुदेव ने किस प्रकार सत्ता प्राप्त की थी?
(A) युद्ध में विजय प्राप्त करके
(B) एक दासी की पुत्री द्वारा रचित षड्यंत्र के माध्यम से
(C) विदेशी आक्रमण के दौरान
(D) उत्तराधिकार के नियम द्वारा
उत्तर: (B) ‘हर्षचरित’ के अनुसार, वासुदेव ने शुंग शासक देवभूति की हत्या एक ऐसी कन्या द्वारा करवाई थी जो दासी के वेश में थी।
कण्व वंश को अक्सर ‘कण्वयान’ (Kanvayana) भी क्यों कहा जाता है?
(A) उनके साम्राज्य के आकार के कारण
(B) उनके गोत्र के नाम के कारण
(C) उनके द्वारा अपनाए गए धर्म के कारण
(D) उनकी सैन्य नीति के कारण
उत्तर: (B) वासुदेव ऋषि कण्व के वंशज माने जाते थे, इसलिए इस वंश को ‘कण्वयान’ कहा जाता है।

कण्व कालीन सिक्कों के बारे में कौन सा तथ्य सही है?
(A) कण्वों के सिक्के केवल दक्षिण भारत में मिले हैं
(B) इनके सिक्के ‘विदिशा’ क्षेत्र में पाए गए हैं, जिससे उनकी उपस्थिति का पता चलता है
(C) इन्होंने सोने के भारी सिक्के चलाए थे
(D) उनके सिक्कों पर बुद्ध की मूर्तियां थीं
उत्तर: (B) विदिशा और कौशाम्बी के क्षेत्रों से प्राप्त तांबे के सिक्कों पर कण्व शासकों (जैसे भूमिमित्र) के नाम मिलते हैं।
कथन (A): कण्व वंश का प्रभाव क्षेत्र मौर्यों की तुलना में बहुत सीमित था।
कारण (R): उस समय उत्तर-पश्चिम भारत पर यवनों और मध्य भारत पर स्थानीय प्रमुखों का अधिकार था।
(A) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है
(B) A और R दोनों सही हैं लेकिन R, A की व्याख्या नहीं है
(C) A सही है, R गलत है
(D) A गलत है, R सही है
उत्तर: (A) कण्वों का शासन मुख्य रूप से मगध (पाटलिपुत्र) तक ही सिमट गया था, जबकि अन्य क्षेत्रों पर बाहरी और क्षेत्रीय शक्तियों का कब्जा था।
अंतिम कण्व शासक सुशर्मन को किसने पराजित किया था?
(A) पुष्यमित्र शुंग
(B) गौतमीपुत्र सातकर्णी
(C) राजा सिमुक (सातवाहन वंश)
(D) कनिष्क
उत्तर: (C) सातवाहन वंश के संस्थापक सिमुक (जिन्हें पुराणों में ‘आंध्र’ भी कहा गया है) ने सुशर्मन को मारकर कण्व वंश का अंत किया था।

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