चोल वंश का अंतिम शासक | chol vansh ka antim shasak kaun the mcq in hindi

चोल वंश का अंतिम शासक | chol vansh ka antim shasak kaun the mcq in hindi

अगर आप किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे है तो आप सभी के लिए आज का आर्टिकल चोल वंश का अंतिम शासक | chol vansh ka antim shasak kaun the mcq in hindi बहुत ही महत्वपूर्ण साबित हो सकता है ।

चोल वंश: मुख्य तथ्य

  • पुनरुत्थान: 9वीं शताब्दी में विजयालय ने कांची के पल्लवों को हराकर चोल साम्राज्य की फिर से स्थापना की। उसने तंजावुर को अपनी राजधानी बनाया 
  • प्रमुख शासक:
    • राजराज प्रथम (985–1014 ई.): इन्हें चोल वंश का सबसे शक्तिशाली राजा माना जाता है। उन्होंने एक शक्तिशाली नौसेना बनाई और श्रीलंका व मालदीव पर विजय प्राप्त की 
    • राजेंद्र प्रथम (1014–1044 ई.): इन्होंने गंगा घाटी तक अभियान चलाया और गंगैकोंडचोल’ की उपाधि धारण की। इन्होंने ‘गंगैकोंडचोलपुरम’ नामक नई राजधानी बसाई 
  • नौसेना और व्यापार: चोलों के पास एक अत्यंत शक्तिशाली जल सेना थी, जिसकी मदद से उन्होंने दक्षिण-पूर्व एशिया (इंडोनेशिया, मलेशिया) के साथ व्यापारिक संबंध स्थापित किए 

प्रशासन और समाज

  • ग्राम शासन: चोल अपनी ‘स्वशासी ग्रामीण व्यवस्था’ के लिए प्रसिद्ध थे। उत्तरमेरुर अभिलेख से पता चलता है कि ग्राम सभाओं (जैसे ‘उर’ और ‘सभा’) का चुनाव कैसे होता था 
  • प्रशासनिक इकाइयाँ: साम्राज्य को मंडलम (प्रांत), नाडु (जिलों का समूह) और कुर्रम (गाँव) में विभाजित किया गया था 
  • भूमि के प्रकार: NCERT के अनुसार, वेल्लनवगाई (गैर-ब्राह्मणों की भूमि), ब्रह्मदेय (ब्राह्मणों को उपहार में दी गई भूमि) आदि प्रमुख थीं 

कला और वास्तुकला

  • भव्य मंदिर: राजराज प्रथम ने तंजावुर में बृहदेश्वर मंदिर बनवाया, जो द्रविड़ वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण है 
  • कांस्य मूर्तियाँ: चोल काल की नटराज (शिव) की कांस्य मूर्तियाँ विश्व की सबसे सुंदर धातु मूर्तियों में गिनी जाती हैं 
chol vansh ka antim shasak kaun the mcq in hindi

1. चोल साम्राज्य की स्थापना 9वीं शताब्दी में किसने की थी?
(A) राजराज प्रथम
(B) विजयालय
(C) राजेंद्र प्रथम
(D) परांतक प्रथम
उत्तर: (B) विजयालय
2. किस चोल शासक ने ‘गंगैकोंडचोल’ (गंगा का विजेता) की उपाधि धारण की थी?
(A) राजराज प्रथम
(B) राजेंद्र प्रथम
(C) कुलोत्तुंग
(D) विजयालय
उत्तर: (B) राजेंद्र प्रथम
3. तंजावुर का प्रसिद्ध ‘बृहदेश्वर मंदिर’ किस देवता को समर्पित है?
(A) विष्णु
(B) शिव
(C) ब्रह्मा
(D) इंद्र
उत्तर: (B) शिव (राजराज प्रथम द्वारा निर्मित)
4. चोल काल में ‘नाडु’ किसे कहा जाता था?
(A) एक गाँव को
(B) गाँवों के एक समूह (जिला) को
(C) प्रांत को
(D) राजधानी को
उत्तर: (B) गाँवों के समूह को
5. उत्तरमेरुर अभिलेख किस राजवंश के स्थानीय स्वशासन की जानकारी देता है?
(A) पल्लव
(B) चोल
(C) पांड्य
(D) चेर
उत्तर: (B) चोल
6. चोलों द्वारा श्रीलंका पर विजय पाने के लिए किस सेना का उपयोग किया गया था?
(A) पैदल सेना
(B) घुड़सवार सेना
(C) नौसेना (Navy)
(D) हाथी सेना
उत्तर: (C) नौसेना

11. चोल काल में ‘पेरुंदानम’ और ‘शिरुदानम’ क्या थे?
(A) भूमि के प्रकार
(B) उच्च और निम्न श्रेणी के अधिकारी
(C) धार्मिक त्योहार
(D) सेना की इकाइयाँ
उत्तर: (B) उच्च श्रेणी के अधिकारियों को पेरुंदानम कहा जाता था।
12. ‘कुडावोलाई’ (Kudavolai) प्रणाली का उपयोग किसके लिए किया जाता था?
(A) कर वसूलने के लिए
(B) युद्ध की घोषणा के लिए
(C) ग्राम समितियों के सदस्यों के चुनाव के लिए
(D) भूमि मापने के लिए
उत्तर: (C) पर्चियों के माध्यम से सदस्यों का चुनाव होता था।
13. किस चोल शासक ने बंगाल की खाड़ी को ‘चोल झील’ में बदल दिया था?
(A) विजयालय
(B) राजराज प्रथम
(C) राजेंद्र प्रथम
(D) कुलोत्तुंग प्रथम
उत्तर: (C) उनकी शक्तिशाली नौसेना के कारण बंगाल की खाड़ी पर उनका पूर्ण वर्चस्व था।
14. चोल काल में ‘वलनाडु’ (Valanadu) क्या था?
(A) गाँवों का समूह
(B) मंडलम (प्रांत) और नाडु के बीच की प्रशासनिक इकाई
(C) विदेशी व्यापार केंद्र
(D) सिंचाई का एक साधन
उत्तर: (B) कई ‘नाडु’ मिलकर एक ‘वलनाडु’ बनाते थे।

15. दक्षिण भारत के किस मंदिर को ‘दक्षिण का मेरु’ (Dakshina Meru) कहा जाता है?
(A) गंगैकोंडचोलपुरम मंदिर
(B) बृहदेश्वर मंदिर (तंजावुर)
(C) ऐरावतेश्वर मंदिर
(D) मीनाक्षी मंदिर
उत्तर: (B) बृहदेश्वर मंदिर।
16. चोलों के समय ‘अरैयार’ (Araiyar) उपाधि किसे दी जाती थी?
(A) पुजारियों को
(B) धनी भू-स्वामियों को
(C) विदेशी व्यापारियों को
(D) मूर्तिकारों को
उत्तर: (B) संपन्न भू-स्वामियों को सम्मान के रूप में यह उपाधि दी जाती थी।

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